ग्लोबल अनिश्चितता के दौर में आमतौर पर निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार बाजार का ट्रेंड थोड़ा अलग नजर आ रहा है। जहां गोल्ड और सिल्वर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे, वहीं कॉपर और एल्युमीनियम जैसे बेस मेटल्स तेजी से निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं।
क्यों बदल रहा है निवेश का ट्रेंड?
हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में कॉपर की कीमतों में करीब 9% और एल्युमीनियम में लगभग 7.5% की तेजी देखी गई है। यह संकेत देता है कि बाजार का फोकस अब धीरे-धीरे सेफ हेवन एसेट्स से हटकर इंडस्ट्रियल मेटल्स की ओर शिफ्ट हो रहा है।
इस बदलाव के पीछे कुछ बड़े कारण हैं:
1. सप्लाई क्राइसिस का असर
चीन द्वारा सल्फ्यूरिक एसिड के एक्सपोर्ट पर रोक लगाने से कॉपर प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है। यह केमिकल तांबे के उत्पादन के लिए बेहद जरूरी होता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बना है और कीमतें बढ़ी हैं।
2. जियो-पॉलिटिकल तनाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने एल्युमीनियम की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक उत्पादन में इस क्षेत्र की लगभग 9% हिस्सेदारी है, ऐसे में किसी भी व्यवधान का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
3. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी
डॉलर के कमजोर होने से कमोडिटी बाजार को सपोर्ट मिला है। इससे विदेशी खरीदारों के लिए ये धातुएं अधिक आकर्षक बन गई हैं, जिससे डिमांड में बढ़ोतरी हुई है।
कॉपर में आगे क्या रणनीति?
इस समय कॉपर लगभग 1280 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
- सपोर्ट लेवल: 1240 और 1210
- रेजिस्टेंस लेवल: 1310
यदि कॉपर 1310 के स्तर को मजबूत वॉल्यूम के साथ पार करता है, तो यह 1345 तक जा सकता है। चीन में आयात में वृद्धि और फैब्रिकेशन सेक्टर की मांग इसके लिए पॉजिटिव संकेत हैं।
एल्युमीनियम में कितनी है मजबूती?
एल्युमीनियम फिलहाल 368 के आसपास बना हुआ है और इसके फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं।
- सपोर्ट लेवल: 361 और 354
- रेजिस्टेंस लेवल: 372
अगर एल्युमीनियम 372 के ऊपर टिकता है, तो इसमें 385 तक की तेजी संभव है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
- जल्दबाजी में ट्रेड या निवेश करने से बचें
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल को ध्यान में रखें
- ग्लोबल न्यूज और सप्लाई अपडेट्स पर नजर रखें
- रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता दें
निष्कर्ष
बाजार में बदलता ट्रेंड यह संकेत दे रहा है कि अब निवेश के अवसर केवल सोना-चांदी तक सीमित नहीं हैं। कॉपर और एल्युमीनियम जैसे इंडस्ट्रियल मेटल्स आने वाले समय में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं, बशर्ते निवेशक सही रणनीति अपनाएं।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे निवेश सलाह के रूप में न लें। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
