IT Stocks पर AI का खौफ बरकरार: Wipro, Infosys समेत कई शेयर फिसले, 11 दिन में 16% टूटा इंडेक्स

भारतीय IT सेक्टर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। ग्लोबल टेक खर्च में अनिश्चितता, ऑटोमेशन की तेज़ रफ्तार और क्लाइंट्स के बजट कटौती के बीच IT शेयरों में बिकवाली हावी है। नतीजतन, IT इंडेक्स ने महज़ 11 कारोबारी दिनों में करीब 16% की गिरावट दर्ज की है।

क्यों बढ़ा AI का डर?

AI टूल्स और ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म्स के तेज़ विस्तार ने पारंपरिक IT सर्विस मॉडल को चुनौती दी है। कंपनियां अब कम लागत में ज्यादा आउटपुट चाहती हैं, जिससे:

  • मैनुअल कोडिंग और सपोर्ट रोल्स की मांग घट सकती है
  • डील साइज छोटे हो रहे हैं
  • क्लाइंट्स AI-आधारित सॉल्यूशंस की ओर शिफ्ट कर रहे हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि AI लंबे समय में अवसर भी देगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव बना सकता है।

किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट?

  • Wipro – कमजोर गाइडेंस और डील पाइपलाइन पर चिंता
  • Infosys – मार्जिन प्रेशर और क्लाइंट स्पेंड में सुस्ती
  • HCL Technologies – डील कन्वर्ज़न में देरी
  • Tata Consultancy Services – बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स के बावजूद सेक्टर सेंटीमेंट का असर

ग्लोबल फैक्टर्स का असर

  • अमेरिका और यूरोप में टेक बजट में कटौती
  • ब्याज दरों का दबाव
  • AI स्टार्टअप्स की बढ़ती प्रतिस्पर्धा

इन कारणों से IT इंडेक्स में लगातार गिरावट देखने को मिली।

क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक:

✔️ मजबूत बैलेंस शीट और विविध क्लाइंट बेस वाली कंपनियां लंबी अवधि में फायदा उठा सकती हैं।
✔️ AI में निवेश करने वाली कंपनियां भविष्य में बेहतर ग्रोथ दिखा सकती हैं।
⚠️ लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।

निवेशकों के लिए रणनीति

  • SIP या चरणबद्ध निवेश पर विचार करें
  • केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों को चुनें
  • सेक्टर में ओवरएक्सपोजर से बचें
  • तिमाही नतीजों और गाइडेंस पर नजर रखें

निष्कर्ष

IT सेक्टर इस समय ट्रांजिशन फेज़ में है। AI एक ओर जहां अवसर लेकर आया है, वहीं पारंपरिक बिज़नेस मॉडल पर दबाव भी बढ़ा रहा है। 11 दिनों में 16% की गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय जरूर है, लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत कंपनियां वापसी कर सकती हैं।

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