Silver Crosses 3 Lakh: चांदी 3 लाख के पार, 4 महीने में पैसा डबल! एक झटके में 13,500 रुपये क्यों बढ़ गए दाम?

Silver Crosses 3 Lakh कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने इतिहास रच दिया है
सोमवार को MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी की कीमत पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि 4 महीने से भी कम समय में चांदी ने निवेशकों के पैसे दोगुने कर दिए हैं

एक ही कारोबारी सत्र में चांदी के भाव में करीब 13,500 रुपये का जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच हलचल तेज हो गई है।

MCX Silver Price Today: रिकॉर्ड स्तर पर चांदी

  • MCX सिल्वर (मार्च डिलीवरी): ₹3,01,315 प्रति किलो
  • तेजी: करीब 5%
  • एक दिन में उछाल: ₹13,000–₹13,500

यह अब तक का ऑल-टाइम हाई है।

वहीं, सोने में भी जबरदस्त मजबूती देखी गई है।

  • MCX Gold (फरवरी डिलीवरी): ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम
  • तेजी: करीब ₹3,000 (लगभग 2%)

4 महीने में कैसे डबल हो गए चांदी में निवेश के पैसे?

चांदी की यह तेजी बेहद कम समय में आई है।

  • अक्टूबर 2025 की शुरुआत:
    • MCX पर चांदी पहली बार ₹1,50,000/किलो के पार गई
  • 29 सितंबर 2025 (स्पॉट मार्केट):
    • दिल्ली के हाजिर बाजार में ₹1,50,000/किलो
  • 19 जनवरी 2026:
    • MCX पर ₹3,01,315/किलो

👉 यानी 3 महीने 20 दिन में निवेशकों का पैसा दोगुना हो गया।

चांदी की कीमतों में अचानक इतनी तेजी क्यों आई?

1️⃣ इंडस्ट्रियल डिमांड में भारी उछाल

  • सोलर पैनल
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी

इन सेक्टर्स में चांदी की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

2️⃣ भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions)

  • दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता
  • निवेशकों का Safe Haven Assets की ओर झुकाव

इससे चांदी और सोने दोनों में खरीदारी बढ़ी।

3️⃣ सप्लाई की कमी और करेंसी अस्थिरता

  • चांदी की ग्लोबल सप्लाई पर दबाव
  • डॉलर-रुपये में उतार-चढ़ाव

इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।

4️⃣ ट्रंप का बयान और ट्रेड वॉर की आशंका

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी
  • अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर की बढ़ती आशंका

इन घटनाओं ने बाजार में डर और अनिश्चितता बढ़ाई, जिससे कीमती धातुओं में तेजी आई।

आगे क्या? क्या चांदी में तेजी जारी रहेगी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक:

  • शॉर्ट टर्म:
    • ऊंचे स्तरों पर तेज उतार-चढ़ाव संभव
  • मीडियम टर्म:
    • डिमांड बनी रही तो तेजी जारी रह सकती है
  • लॉन्ग टर्म:
    • इंडस्ट्रियल यूज चांदी को मजबूत सपोर्ट देगा

हालांकि, रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) से हल्की गिरावट भी आ सकती है।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है। यह जानकारी केवल विश्लेषण के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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