इस इंजीनियरिंग कम्पनी को मिला ₹900 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, शेयर ₹30 से कम – क्या दौड़ लगाएगा यह इंफ्रा स्टॉक?

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Patel Engineering Limited को हिमाचल प्रदेश में ₹910.08 करोड़ का बड़ा सिविल कॉन्ट्रैक्ट मिला है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का शेयर अभी ₹30 से कम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

कंपनी को यह ऑर्डर Himachal Pradesh Power Corporation Limited (HPPCL) से मिला है। यह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रेणुका तहसील के ददाहू गांव में स्थित Renukaji Dam (पैकेज-1) से जुड़ा है।

📌 प्रोजेक्ट की मुख्य बातें

  • 💰 ऑर्डर वैल्यू: ₹910.08 करोड़
  • 🏗 प्रोजेक्ट: रेणुकाजी डैम (पैकेज-1)
  • 📍 लोकेशन: ददाहू गांव, रेणुका तहसील, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
  • समयसीमा: 30 महीने
  • 🥇 कंपनी को L1 (सबसे कम बोली लगाने वाली) घोषित किया गया

🔧 प्रोजेक्ट का स्कोप क्या है?

इस पैकेज के तहत कई बड़े सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शामिल हैं:

  • 9.5 मीटर डायमीटर की 3 डायवर्जन टनल
    • लंबाई: 1,379 मीटर, 1,468 मीटर और 1,590 मीटर
  • 3 इनलेट और आउटलेट पोर्टल का विकास
  • 6 किलोमीटर लंबी एक्सेस रोड का निर्माण
  • हाइड्रो-मैकेनिकल गेट की स्थापना
  • सिक्योरिटी और ऑपरेशनल क्षमता के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य

यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को मजबूत करेगा।

📉 EPS में गिरावट – निवेशकों के लिए संकेत?

हालांकि ऑर्डर बड़ा है, लेकिन असली फोकस कंपनी की कमाई यानी EPS (Earnings Per Share) पर रहता है।

  • पिछले 12 महीनों में
    • FY26 के लिए EPS अनुमान में 7.8% की कमी
    • FY27 के लिए EPS अनुमान में 6.5% की कमी

यह दर्शाता है कि भविष्य की कमाई को लेकर एनालिस्ट थोड़े सतर्क हैं।

🏢 कंपनी की सफाई

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि:

  • यह एक लोकल सिविल कॉन्ट्रैक्ट है
  • प्रमोटर ग्रुप का ऑर्डर देने वाली एंटिटी में कोई इंटरेस्ट नहीं है
  • यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है

कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की उसकी क्षमता को दर्शाती है।

📊 निवेशकों के लिए क्या मायने?

₹900 करोड़ से अधिक का ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा। यदि कंपनी समय पर प्रोजेक्ट पूरा करती है, तो:

  • भविष्य में रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ सकती है
  • कैश फ्लो में सुधार हो सकता है
  • शेयर प्राइस में रेटिंग अपग्रेड की संभावना बन सकती है

हालांकि, EPS अनुमान में कटौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की बैलेंस शीट, डेब्ट लेवल और ऑर्डर बुक की गुणवत्ता का विश्लेषण जरूरी है।

✍️ निष्कर्ष

₹30 से कम कीमत वाला यह इंफ्रा स्टॉक अब निवेशकों की रडार पर आ सकता है। ₹910 करोड़ का ऑर्डर निश्चित रूप से पॉजिटिव खबर है, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी के फंडामेंटल और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगा।

⚠️ यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

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