IT Stocks News it stocks anthropic : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तेजी से उभर रही कंपनी Anthropic के नए AI टूल्स ने ग्लोबल टेक सेक्टर में हलचल मचा दी है। इस टूल के लॉन्च के बाद भारत समेत दुनियाभर में आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि एंथ्रोपिक का यह नया AI सिस्टम इतना शक्तिशाली है कि यह कई पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को सीधी चुनौती दे सकता है।
क्यों चर्चा में है एंथ्रोपिक का नया AI टूल?
Anthropic के नए वर्कप्लेस प्रोडक्टिविटी और ऑटोमेशन टूल्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे पूरे बिजनेस वर्कफ्लो को अपने आप संभाल सकें।
यानी जिन कामों के लिए पहले अलग-अलग सॉफ्टवेयर और सब्सक्रिप्शन लेने पड़ते थे, अब वे सभी काम एक ही AI-बेस्ड एनवायरनमेंट में पूरे हो सकते हैं।
इसी वजह से निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि आने वाले समय में ट्रेडिशनल SaaS प्लेटफॉर्म्स की जरूरत घट सकती है।
एंथ्रोपिक के नए AI टूल्स की खासियत क्या है?
Anthropic के इस अपग्रेडेड सिस्टम में कई एडवांस्ड ऑटोमेशन प्लगइन्स शामिल किए गए हैं, जो साधारण AI असिस्टेंट से कहीं ज्यादा सक्षम हैं।
इस टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह:
- जटिल टास्क्स को इंडिपेंडेंटली पूरा कर सकता है
- केवल सपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि पूरे ऑपरेशनल प्रोसेस को खुद चला सकता है
- एंटरप्राइज लेवल पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है
ये AI टूल्स कौन-कौन से काम कर सकते हैं?
Anthropic के नए वर्कप्लेस ऑटोमेशन टूल्स कई ऐसे काम कर सकते हैं, जो अब तक सॉफ्टवेयर कंपनियां या इंसानी टीम्स करती थीं।
इनमें शामिल हैं:
- लीगल डॉक्युमेंट रिव्यू
- कंप्लायंस चेक
- सेल्स प्लानिंग और एनालिसिस
- मार्केटिंग कैंपेन एनालिसिस
- फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन
- डेटा विजुअलाइजेशन
- SQL-बेस्ड रिपोर्टिंग
- एंटरप्राइज-लेवल डॉक्युमेंट सर्च
एनालिस्ट्स का कहना है कि इस तरह की क्षमताएं पारंपरिक सॉफ्टवेयर टूल्स की डिमांड को कम कर सकती हैं।
आईटी कंपनियों के बिजनेस पर क्या पड़ेगा असर?
आसान शब्दों में कहा जाए तो अब:
- कई अलग-अलग सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन की जरूरत कम हो सकती है
- कंपनियां एक सिंगल AI वर्कफ्लो इंजन पर शिफ्ट हो सकती हैं
- SaaS कंपनियों की रेवेन्यू विजिबिलिटी पर दबाव आ सकता है
इसी आशंका के चलते निवेशकों ने आईटी शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
अमेरिकी आईटी कंपनियों को कितना नुकसान?
एंथ्रोपिक के नए AI टूल की खबर सामने आते ही 3 फरवरी को अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- प्रमुख टेक और सॉफ्टवेयर शेयरों में 6% तक की गिरावट
- करीब 285 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू साफ
- निवेशकों को डर है कि भविष्य में इन कंपनियों की ग्रोथ स्लो हो सकती है
भारत में IT शेयरों का क्या हाल रहा?
ग्लोबल संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।
4 फरवरी को भारतीय आईटी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
- निफ्टी IT इंडेक्स दोपहर 1:30 बजे
👉 6.39% गिरकर 36,143 पर आ गया
प्रमुख शेयरों में गिरावट:
- TCS: करीब 7% टूट गया
- Infosys: 7.64% की गिरावट
- HCL Tech: 4.26% नीचे
- LTI Mindtree: 5.14% फिसला
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI का बढ़ता प्रभाव आईटी सेक्टर के लिए लॉन्ग टर्म में स्ट्रक्चरल बदलाव ला सकता है।
हालांकि, यह साफ है कि निकट भविष्य में:
- IT शेयरों में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है
- निवेशक AI से जुड़ी खबरों पर तेज प्रतिक्रिया देते रहेंगे
