होली से पहले हर साल एक सवाल लोगों को उलझन में डाल देता है — होलिका दहन आज होगा या कल? अगर आप भी इसी कंफ्यूजन में हैं, तो यहां जानिए साल 2026 में Holika Dahan की सही तिथि, मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
📅 Holika Dahan 2026 की सही तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है।
साल 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा तिथि:
- 📌 पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026 – सुबह 10:12 बजे
- 📌 पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026 – सुबह 08:45 बजे
👉 चूंकि होलिका दहन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में किया जाता है, इसलिए
✅ Holika Dahan 2026 – 2 मार्च 2026 (सोमवार) की शाम को होगा।
🕯️ शुभ मुहूर्त (संभावित समय)
- 🌇 प्रदोष काल: शाम 6:25 बजे से रात 8:50 बजे तक
- 🔥 होलिका दहन का श्रेष्ठ समय: शाम 7:10 बजे से 8:30 बजे के बीच
⚠️ नोट: स्थान अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। सटीक समय के लिए अपने शहर के पंचांग या ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करें।
🤔 आज या कल? कंफ्यूजन क्यों होता है?
अक्सर पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक पड़ती है, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। लेकिन होलिका दहन हमेशा उस दिन किया जाता है, जिस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि विद्यमान हो।
इसी नियम के अनुसार 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा और
🎨 रंगों वाली होली (धुलेंडी) 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
📖 होलिका दहन का धार्मिक महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद की कथा से जुड़ा है, जिसमें अहंकारी राजा हिरण्यकश्यप की बहन होलिका अग्नि में जलकर नष्ट हो जाती है और भक्त प्रह्लाद की रक्षा होती है।
यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची आस्था और सत्य की हमेशा विजय होती है।
🛑 होलिका दहन के नियम
✔️ क्या करें:
- होलिका की परिक्रमा करें
- गेहूं की बालियां और नारियल अर्पित करें
- परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें
❌ क्या न करें:
- भद्रा काल में होलिका दहन न करें
- अनावश्यक लकड़ी या पेड़ न काटें
- विवाद या अपशब्दों से बचें
🌟 निष्कर्ष
अगर आप Holika Dahan 2026 को लेकर असमंजस में थे, तो अब कंफ्यूजन दूर हो गया होगा।
🔥 2 मार्च 2026 की शाम को होलिका दहन और
🎨 3 मार्च 2026 को रंगों की होली मनाई जाएगी।
समय से पहले मुहूर्त नोट कर लें और पूरे विधि-विधान से इस पावन पर्व को मनाएं।
⚠️ Disclaimer
यह जानकारी पंचांग एवं ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न स्थानों पर समय में परिवर्तन संभव है। कृपया अपने स्थानीय पंचांग या योग्य पंडित से अंतिम पुष्टि अवश्य करें।
