Green Energy के इस कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक अहम माइलस्टोन हासिल करते हुए गुजरात के कच्छ जिले के नखत्राणा (भुज) में 92.4 मेगावाट का विंड पावर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह प्रोजेक्ट Ayana Renewable Power Four के लिए डेवलप किया गया है और इसमें कुल 28 विंड टर्बाइन जनरेटर लगाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि यह क्षमता अब ग्रिड से जुड़ने के लिए तैयार है, जिससे ग्रीन पावर सप्लाई बढ़ने वाली है
टेक्निकल वर्क, मंजूरियां और प्रोजेक्ट स्ट्रक्चर
कंपनी ने बताया कि उसने अपनी जिम्मेदारी के दायरे में आने वाले सभी टेक्निकल काम पूरे कर लिए हैं, जिनमें बैलेंस ऑफ प्लांट, पावर सबस्टेशन, EHV ट्रांसमिशन लाइन और विंड टर्बाइनों की इंस्टॉलेशन शामिल है। इस प्रोजेक्ट को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) से जरूरी मंजूरी भी मिल चुकी है, जो किसी भी बड़े पावर प्रोजेक्ट की कमर्शियल शुरुआत के लिए जरूरी कदम होता है। इससे प्रोजेक्ट का रेवेन्यू जेनरेशन फेज समय पर शुरू होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
Adani Group का 300 MWac/405 MWdc का मेगा ऑर्डर
फरवरी 2026 में KPI Green Energy को अडानी ग्रुप की कंपनियों से 300 MWac/405 MWdc क्षमता के लिए इलेक्ट्रिकल, सिविल और allied वर्क्स का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ में Khavda Hybrid Renewable Power Project का हिस्सा है, जिसे देश के सबसे बड़े हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। इस ऑर्डर के तहत AC–DC इलेक्ट्रिकल वर्क, पाइल फाउंडेशन, मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर की इंस्टॉलेशन, सोलर मॉड्यूल्स की फिटिंग, रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम स्ट्रक्चर और हाई टेंशन इक्विपमेंट से जुड़ा काम शामिल है।
Khavda प्रोजेक्ट में KPI Green की कुल पकड़
नए 300 MWac/405 MWdc ऑर्डर के बाद Khavda प्रोजेक्ट से जुड़े अडानी ग्रुप की इकाइयों से KPI Green को कुल 834 MWac/1,131 MWdc तक के ऑर्डर मिल चुके हैं। इससे पहले कंपनी को जनवरी 2026 में 534 MWac/726 MWdc का ऑर्डर मिला था, जिसे स्टॉक एक्सचेंज को भी बताया गया था। इतने बड़े ऑर्डर बुक से कंपनी को अगले कुछ सालों तक रेवन्यू विजिबिलिटी और प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत मिलने की संभावना बनती है।
शेयर प्राइस, रिटर्न और वैल्यूएशन का हाल
20 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11:20 बजे KPI Green Energy का शेयर लगभग 0.7% की बढ़त के साथ करीब ₹397.4 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि पिछले एक महीने में इसमें करीब 10.3% की गिरावट देखी गई है। आखिरी कुछ सालों में इस शेयर ने करीब 3 साल की अवधि में लगभग 310% तक रिटर्न दिया है, जिससे यह रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस के तेज़ी वाले स्टॉक्स में शामिल रहा है। एक फंडामेंटल एनालिसिस वेबसाइट के अनुसार, 19 फरवरी 2026 तक इस शेयर का आंतरिक या intrinsic value अनुमानित रूप से लगभग ₹848.9 के आसपास आंका गया है, जो इसके मौजूदा मार्केट प्राइस से काफी ऊपर दिखता है।
फाइनेंशियल स्ट्रेंथ और रिटर्न प्रोफाइल
फाइनेंशियल डेटा के हिसाब से KPI Green Energy ने पिछले कुछ वर्षों में return on capital employed को 2019 के करीब 8% से बढ़ाकर 2023 तक लगभग 24–25% तक पहुंचाया है, जो प्रोजेक्ट्स पर बेहतर रिटर्न की ओर इशारा करता है। KPI Green Energy का debt-to-equity ratio भी मार्च 2025 तक स्टैंडअलोन आधार पर लगभग 0.6 के आसपास और कंसोलिडेटेड आधार पर करीब 0.5 के आसपास बताया गया है, जो प्रोजेक्ट हवी बिजनेस के हिसाब से मिड रेंज लीवरेज कैटेगरी में आता है। रिन्यूएबल सेक्टर में लगातार बढ़ते ऑर्डर, Khavda जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स और स्टेबल रिटर्न प्रोफाइल की वजह से कंपनी मिड कैप ग्रीन एनर्जी स्पेस में फोकस में बनी हुई है।
