Crypto Market Crash: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में हाहाकार, निवेशकों को 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। Bitcoin, Ethereum से लेकर Binance Coin तक लगभग सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसियां बुरी तरह लुढ़क चुकी हैं। पिछले 24 घंटे में क्रिप्टो का ग्लोबल मार्केट कैप करीब 10 फीसदी गिर गया है, जिससे दुनियाभर के निवेशकों को 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

शुक्रवार सुबह 8:30 बजे क्रिप्टो मार्केट का कुल मार्केट कैप घटकर 2.24 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।


2026 की शुरुआत से ही दबाव में बिटकॉइन

दुनिया की सबसे महंगी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin साल 2026 की शुरुआत से ही लगातार दबाव में है। इस साल अब तक इसमें 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,24,000 डॉलर का ऑल-टाइम हाई बनाया था, लेकिन अब यह अपने उस स्तर से आधी से ज्यादा कीमत गंवा चुका है

  • शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे
    👉 Bitcoin Price: लगभग $65,500

यह स्तर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के समय से भी नीचे है।


क्यों कहा जाता है बिटकॉइन को ‘डिजिटल सोना’?

Bitcoin को अक्सर ‘डिजिटल सोना’ कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि सोने की तरह बिटकॉइन भी कोई डिविडेंड या तय मुनाफा नहीं देता। इसकी कीमत पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि निवेशक इसे खरीदने के लिए कितना भुगतान करने को तैयार हैं।

एक अस्थिर कारोबारी सत्र के बाद बिटकॉइन 1.64% की बढ़त के साथ $64,153.24 पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि, इस दौरान इसमें भारी उतार-चढ़ाव रहा और यह $60,008.52 के निचले स्तर तक भी फिसल गया।


पूरे क्रिप्टो सेक्टर पर दबाव

पूरे क्रिप्टो बाजार का मूल्य अक्टूबर की शुरुआत में 4.38 ट्रिलियन डॉलर के शिखर पर था, जो अब घटकर करीब 2.26 ट्रिलियन डॉलर रह गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • सिर्फ पिछले एक महीने में 800 अरब डॉलर का नुकसान
  • इस साल अब तक
    • Bitcoin: करीब 28% की गिरावट
    • Ethereum: लगभग 38% की गिरावट

क्रिप्टो में गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी

जैसे-जैसे बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स की कीमतें गिरीं, वैसे-वैसे उन कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए, जिनके पास बड़ी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स हैं।

पिछले साल कई पब्लिक कंपनियों ने ट्रंप के शुरुआती समर्थन से उत्साहित होकर क्रिप्टो में भारी निवेश किया था। लेकिन मौजूदा गिरावट ने इन कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।


क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट के बड़े कारण

क्रिप्टो मार्केट में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं:

1️⃣ फेडरल रिजर्व को लेकर अनिश्चितता

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ा है।

2️⃣ AI कंपनियों के वैल्यूएशन पर चिंता

AI सेक्टर में बढ़ते वैल्यूएशन को लेकर आशंकाओं ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

3️⃣ Kevin Warsh की नियुक्ति

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Kevin Warsh को अगले फेड चेयरमैन के रूप में नामित किए जाने के बाद बिटकॉइन में बिकवाली और तेज हो गई।
विश्लेषकों के अनुसार, इससे फेड की बैलेंस शीट छोटी हो सकती है, जो क्रिप्टो जैसी सट्टा संपत्तियों के लिए नकारात्मक माना जा रहा है।

4️⃣ ट्रंप चुनाव के बाद मिले फायदे खत्म

Bitcoin ने ट्रंप के चुनाव के बाद हुई सारी बढ़त लगभग खत्म कर दी है, जबकि चुनाव के दौरान डिजिटल एसेट्स को लेकर सकारात्मक नीतियों का वादा किया गया था।


Fear and Greed Index ने बढ़ाई चिंता

क्रिप्टो मार्केट के Fear and Greed Index में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

  • पिछले महीने: 49 अंक
  • अब: 5 अंक (Extreme Fear)

यह स्तर नवंबर 2025 के बाद सबसे निचला है, जो निवेशकों में भारी घबराहट को दर्शाता है।
इसके मुकाबले नवंबर 2025 में यह इंडेक्स 76 पर था, जो बाजार में ग्रीड और खरीदारी की भावना को दिखाता था।


निष्कर्ष

क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता, ट्रंप प्रशासन से जुड़े फैसले और ग्लोबल जोखिमों ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।
शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जबकि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह दौर सब्र और रणनीति की परीक्षा है।

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