Zerodha ने अपने लोकप्रिय ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म Kite में एक नया और इम्पोर्टेंट निवेशक-उन्मुख फीचर लॉन्च किया है। अब IPO में निवेश करने वाले लोग लॉक-इन पीरियड (lock-in period) को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे, ताकि लिस्टिंग के बाद संभावित शेयर वोलैटिलिटी और प्राइस प्रेशर से पहले से अवगत रह सकें।
🔍 IPO लॉक-इन क्या होता है?
जब कोई कंपनी IPO (Initial Public Offering) के ज़रिये शेयर मार्केट में आती है, तो कुछ शेयरधारकों — जैसे प्रमोटर्स, शुरुआती निवेशक और ESOP धारक — को शेयर बेचने से रोका जाता है। इस लॉक-इन पीरियड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि शेयर तुरंत बाजार में बेचे न जाएँ और मार्केट में स्थिरता बनी रहे। यह अवधि आमतौर पर 30 दिनों से लेकर 18 महीनों तक हो सकती है।
Read More: Gold Price Today: सोने का भाव बढ़ा, चांदी फिर फिसली — लेटेस्ट रेट अपडेट
📈 नया फीचर — IPO लॉक-इन एक्सपायरी ट्रैकर
अब Zerodha के Kite प्लेटफॉर्म में IPO लॉक-इन की समाप्ति तिथियों को ट्रैक करने वाला ट्रैकर जोड़ा गया है। यह फीचर खासकर उन निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी है जो IPO के बाद शेयर खरीदते हैं।
📍 Feature कहाँ मिलेगा?
यह जानकारी Kite के “Fundamentals” विजेट के “Events” सेक्शन में दिखाई देगी, जहाँ आप किसी हाल ही में लिस्ट हुई कंपनी की लॉक-इन समाप्ति तारीख देख सकेंगे।
📌 डेटा स्रोत: Zerodha इस जानकारी को Tijori Finance जैसे भरोसेमंद रिसर्च प्लेटफॉर्म से लेता है, जिससे निवेशकों को सटीक और विश्वसनीय जानकारी मिलती है।
🧠 किसलिए यह फीचर ज़रूरी है?
जब लॉक-इन पीरियड खत्म होता है, तो बड़े शेयरधारक अक्सर अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच देते हैं। इससे बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर नकारात्मक दबाव आ सकता है — भले ही कंपनी के फ़ंडामेंटल्स मजबूत हों।
✔️ इससे निवेशक
- संभावित प्राइस वोलैटिलिटी को समझ सकते हैं
- जोखिम का अनुमान लगा सकते हैं
- अपने ट्रेडिंग/इन्वेस्टमेंट निर्णय बेहतर तरीके से ले सकते हैं ▪️
💡 निवेशकों को कैसे फायदा होगा?
📊 अग्रिम तैयारी: लॉक-इन समाप्ति से पहले ही निवेशक अपने पोर्टफोलियो को री-बैलेंस कर सकते हैं।
📉 वोलैटिलिटी से बचाव: जान कर कि कब शेयर सप्लाई बढ़ेगी, निवेशक वोलैटिलिटी के दौरान सही रणनीति अपना सकते हैं।
📈 लंबी अवधि की सोच: जो निवेशक लिस्टिंग के बाद शेयर होल्ड करें, वे संभावित गिरावट को समझकर बेहतर समय पर निर्णय ले सकते हैं।
📝 क्या यह फीचर सभी IPOs के लिए मिलेगा?
हाँ — यह फीचर अभी हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियों के IPO लॉक-इन डेटा को दिखाता है, जिससे नए लिस्टेड शेयरों से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर नजर रखी जा सकती है।
📌 निष्कर्ष
Zerodha द्वारा Kite में जोड़ा गया IPO लॉक-इन ट्रैकर फीचर खासतौर पर IPO निवेशकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह फीचर आपको IPO के बाद की संभावित मार्केट मूवमेंट को बेहतर समझने में मदद करेगा और जोखिम-आधारित फैसले लेने में सहायक होगा।
